कभी ये सब भी ब्लॉग लिखते थे आज नहीं लिख रहे हैं.याद फिर भी हैं ये हमारे अपने .

ब्लॉगर चंद्र मौलेश्वर प्रसाद

 

  

ब्लॉगर चंद्र मौलेश्वर प्रसाद

21 comments:

  1. जितना मैंने उनके बारे में जाना, वे एक बहुत अच्छे दिल के स्वामी थे, उन जैसों कि समाज मे बहुत आवश्यकता है !
    वे याद आते रहेंगे ...

    ReplyDelete
  2. ऐसे ब्लोगर हमेशा याद किये जाते हें.

    ReplyDelete
  3. मैं उन्हें , उनके ब्लॉग के बजाये उनके कमेंट्स से चीन्हता रहा ! बीच में पता चला कि वे बीमारी से जूझ रहे हैं पर कमेंट्स पर इसका कोई असर ना दिखाई देता, वे एक जिंदादिल इंसान थे और इस तरह से हमारी स्मृतियों में हमेशा मौजूद रहेंगे !

    ReplyDelete
  4. अनेक कदमों की भीड़ में एक नेक कदम

    ReplyDelete
  5. विनम्र श्रद्धांजलि।

    ReplyDelete
  6. विनम्र श्रद्धांजलि, ये सभी आत्माएं अतिशीघ्र शाश्वत सुखों को प्राप्त करे!!

    ReplyDelete
  7. ओबिच्युरी ब्लॉग की कमी थी आपने पूरी कर दी ....नेक कार्य!इसे किसी के साथ साझा कर लें!
    कारण? कह नहीं पाऊंगा क्योकि, सत्यम ब्रूयात प्रियं ब्रूयात न ब्रूयात सत्यमप्रियम!
    सभी दिवंगतों को मेरा नमन !

    ReplyDelete
  8. विनम्र श्रद्धांजलि।

    ReplyDelete
  9. विनम्र श्रद्धांजलि।

    ReplyDelete
  10. चंद्र मौलेश्वर प्रसाद जी को विनम्र श्रद्धांजलि,,, ईश्वर उनकी आत्मा को शांती पदान करे,,,,

    ReplyDelete
  11. विनम्र श्रद्धांजली ।

    ReplyDelete
  12. आज आपकी सूचना से ही ये पता चल पाया , वर्ना पिछले दिनों शायद किन्हीं मित्र से ऐसी ही किसी आशंका की चर्चा होती भी रही थी । चंद्र जी की टिप्पणियां और उनकी विशिष्ट शैली आज भी ज़ेहन में जीवंत हैं । उनको श्रद्धांजलि व नमन ।

    आपकी इस शुरूआत के लिए आपका बहुत बहुत आभार रचना जी ।

    ReplyDelete
  13. सार्थक प्रयास .... विनम्र श्रद्धांजलि

    ReplyDelete
  14. आप 18 अप्रैल 2009 को पहली बार
    कविताकोश से जुडे
    और 21 जुलाई 2011 तक 600 से भी
    अधिक रचनाओं को इस कोश में जोडा

    ईश्वर ने आपके लिये स्वर्ग में स्थान
    सुनिश्चित किया हो इसी कामना के साथ

    अंतरजाल साहित्य योगदानकर्ता मंच की ओर से
    अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि ।




    ReplyDelete
  15. विनम्र श्रद्धांजलि

    ReplyDelete
  16. ऐसे जिंदादिल इन्सान कहीं नहीं जाते...वो हमेशा हमारे दिलों में रहते हैं..
    विनम्र श्रद्धान्जलि..!

    ReplyDelete
  17. विनम्र श्रद्धांजलि

    ReplyDelete
  18. विनम्र श्रद्धांजलि

    ReplyDelete